अपने ही बिलों से GSTR-1 रिपोर्ट
GSTR-1 वह रिटर्न है जिसमें आपकी बिक्री का ब्योरा जाता है। आपके बिल SahiBill में हैं, तो आँकड़े भी वहीं हैं: रिपोर्ट खोलिए, महीना या अपनी तारीख़ें चुनिए, और PDF या Excel में अपने CA को भेज दीजिए।
आख़िरी बदलाव: 10 अक्टूबर 2026

GSTR-1 रिपोर्ट में क्या-क्या होता है
SahiBill चुनी हुई अवधि के हर बिक्री बिल, बिक्री वापसी और क्रेडिट नोट को उन्हीं हिस्सों में बाँटता है जो रिटर्न में होते हैं:
| रिपोर्ट की टेबल | इसमें क्या आता है |
|---|---|
| B2B बिल | GSTIN वाले ग्राहक को हर बिक्री: बिल नंबर, तारीख़, सप्लाई का स्थान, दर, टैक्सेबल वैल्यू और टैक्स। |
| B2C बड़े (Large) | दूसरे राज्य के बिना GSTIN वाले ग्राहक को ₹1,00,000 से ऊपर की हर बिक्री। |
| B2C छोटे (Small) | बिना GSTIN वाले ग्राहकों को बाकी सारी बिक्री, सप्लाई के स्थान और टैक्स दर के हिसाब से जोड़ी हुई। |
| क्रेडिट नोट | अवधि में हुई बिक्री वापसी और जारी क्रेडिट नोट। |
| निल रेटेड / छूट वाली | बिना GST वाली सप्लाई की टैक्सेबल वैल्यू। |
| HSN सार | HSN या SAC कोड, इकाई और दर के हिसाब से मात्रा, टैक्सेबल वैल्यू और टैक्स, क्रेडिट नोट घटाकर। |
| जारी दस्तावेज़ | हर तरह के दस्तावेज़ का पहला और आख़िरी नंबर और गिनती। |

रिपोर्ट कैसे निकालें
रिपोर्ट खोलें
रिपोर्ट में जाइए और GST वाले हिस्से से GSTR-1 चुनिए। हर महीने काम आती हो तो उसे पिन कर लीजिए।
अवधि चुनें
इस महीने, पिछले महीने या अपनी तारीख़ें। टेबल हर बार आपके बिलों से नए सिरे से बनती हैं।
शेयर करें
रिपोर्ट PDF या Excel में अपने CA को भेजिए, या आँकड़े ख़ुद GST पोर्टल पर भरिए।
फ़ाइल करने से पहले ये जाँच लें
- GSTIN: रजिस्टर्ड ग्राहक बिना GSTIN के सेव है, तो वह B2C में गिना जाता है। SahiBill टाइप करते समय GSTIN का फॉर्मेट जाँचता है, यह नहीं कि वह चालू है या नहीं।
- HSN कोड: बिना कोड वाले आइटम HSN सार में "-" के नीचे आते हैं। आइटम में कोड जोड़ दीजिए, रिपोर्ट अपने आप ठीक हो जाती है।
- सप्लाई का स्थान: इसी से CGST + SGST या IGST तय होता है, और यह भी कि B2C बिक्री किस राज्य में दिखेगी।
- वापसी: बिक्री वापसी उसी पार्टी पर दर्ज कीजिए, ताकि वह क्रेडिट नोट वाली टेबल में पहुँचे।
- कुल रकम: रिपोर्ट के कुल को उसी अवधि के बिक्री रजिस्टर से मिलाइए।
SahiBill ये सार आपकी भरी हुई जानकारी से तैयार करता है। यह रिटर्न फ़ाइल नहीं करता, GST पोर्टल से नहीं जुड़ता, पोर्टल की अपलोड फ़ाइल नहीं बनाता, और यह सरकारी ऐप नहीं है। रिटर्न की टेबल और सीमाएँ बदलती रहती हैं; फ़ाइल करने से पहले ताज़ा जानकारी gst.gov.in पर या अपने CA से लीजिए।
SahiBill की बाकी GST रिपोर्ट
- GSTR-3B सार: अवधि की बाहरी सप्लाई, इनपुट टैक्स क्रेडिट और देय टैक्स।
- GSTR-2 (ख़रीद) और GST ख़रीद रजिस्टर: ख़रीद के बिल और उन पर मिलने वाला टैक्स क्रेडिट।
- कंपोज़िशन डीलर के लिए GSTR-4, और साल भर के लिए GSTR-9 के आँकड़े।
- बिक्री का HSN सार और टैक्स दर रिपोर्ट।
ये सब उन्हीं बिलों से बनती हैं, इसलिए एक बिल सुधारने पर हर जगह सुधार दिखता है। यह भी देखिए कि GST बिल में क्या-क्या ज़रूरी है।
GSTR-1 से जुड़े सवाल
बिलिंग ऐप से GSTR-1 का सार कैसे निकालें?
SahiBill में रिपोर्ट खोलिए, GSTR-1 चुनिए और अवधि चुनिए। B2B, B2C, क्रेडिट नोट, HSN और दस्तावेज़ों की टेबल आपके बिक्री के बिलों से बनती हैं।
क्या SahiBill मेरा GSTR-1 फ़ाइल करता है?
नहीं। यह आँकड़े तैयार करता है। रिटर्न आप या आपके CA, GST पोर्टल पर फ़ाइल करते हैं।
क्या GSTR-1 को Excel में निकाल सकते हैं?
हाँ। GSTR-1 समेत हर रिपोर्ट PDF या Excel में शेयर हो सकती है।
क्या रिपोर्ट बिना इंटरनेट के बनती है?
हाँ। यह आपके बिलों से मोबाइल पर ही बनती है। शेयर करने के लिए इंटरनेट चाहिए।
B2C बड़े और B2C छोटे में क्या फ़र्क़ है?
SahiBill की रिपोर्ट में B2C बड़े में दूसरे राज्य के बिना GSTIN वाले ग्राहक को ₹1,00,000 से ऊपर की हर बिक्री अलग दिखती है; बिना GSTIN वाले ग्राहकों की बाकी बिक्री B2C छोटे में राज्य और दर के हिसाब से जुड़ती है।
मैं कंपोज़िशन डीलर हूँ। कौन-सी रिपोर्ट देखूँ?
GSTR-4 (कंपोज़िशन)। सेटिंग्स में टैक्स और GST के नीचे कंपोज़िशन चुनिए, और आपकी बिक्री बिना टैक्स के बिल ऑफ़ सप्लाई के रूप में छपती है।
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