डिलीवरी चालान फॉर्मेट: Excel, Word और PDF में
डिलीवरी चालान उस माल के साथ जाता है जो अभी बिका नहीं है पर कहीं भेजा जा रहा है: जॉब वर्कर के पास, ग्राहक को पसंद आने पर ख़रीदने के लिए, या प्रदर्शनी में। तैयार फॉर्मेट डाउनलोड कीजिए, या पढ़िए कि इसमें क्या-क्या होना चाहिए।
डाउनलोड और इस्तेमाल मुफ़्त। सिर्फ़ अंग्रेज़ी वाली फ़ाइलें

आख़िरी बदलाव: 10 अक्टूबर 2026
डिलीवरी चालान कब बनता है
CGST नियमों का नियम 55 टैक्स इनवॉइस की जगह डिलीवरी चालान की इजाज़त देता है, जब माल भेजा जाए:
- जॉब वर्क के लिए, जॉब वर्कर के पास और वापस;
- बिक्री के अलावा किसी और वजह से, जैसे पसंद आने पर ख़रीदने के लिए, प्रदर्शनी के लिए, या उसी राज्य में अपनी ही दूसरी जगह पर;
- जब माल निकलते समय मात्रा पता न हो, जैसे लिक्विड गैस में;
- बिक्री के लिए, जब माल निकलते समय टैक्स इनवॉइस न बन सका हो। तब इनवॉइस डिलीवरी के बाद बनता है।
डिलीवरी चालान में क्या-क्या ज़रूरी है
- चालान नंबर और तारीख़: नंबर लगातार क्रम में, ज़्यादा से ज़्यादा 16 अक्षर या अंक, पूरे वित्त वर्ष में अलग।
- आपका नाम, पता और GSTIN (भेजने वाला), अगर आप रजिस्टर्ड हैं।
- माल पाने वाले का नाम, पता और GSTIN (या UIN), अगर वह रजिस्टर्ड है।
- माल का HSN कोड और विवरण।
- मात्रा; सही मात्रा पता न हो तो अंदाज़न।
- टैक्सेबल वैल्यू।
- टैक्स की दर और रकम (CGST, SGST या UTGST, IGST, सेस), जब माल पाने वाले को सप्लाई के लिए भेजा जा रहा हो।
- दूसरे राज्य में माल जा रहा हो तो सप्लाई का स्थान।
- हस्ताक्षर।
तीन कॉपी
डिलीवरी चालान की तीन कॉपी बनती हैं: ओरिजिनल माल पाने वाले के लिए, डुप्लीकेट ट्रांसपोर्टर के लिए और ट्रिप्लीकेट भेजने वाले के लिए। फॉर्मेट में तीनों नाम एक लाइन में छपते हैं; हर कॉपी पर जो दो लागू नहीं हैं, उन्हें काट दीजिए या मिटा दीजिए।
ई-वे बिल
डिलीवरी चालान पर जा रहे माल की कीमत तय सीमा से ज़्यादा हो तो ई-वे बिल भी चाहिए। वह सरकार के ई-वे बिल पोर्टल पर बनता है, और उसका नंबर चालान पर लिखा जाता है। SahiBill ई-वे बिल नहीं बनाता।
डाउनलोड में क्या है
- Excel: हर लाइन की कीमत, टैक्स की रकम और कुल अपने आप निकलते हैं। दूसरी शीट में भरने का तरीका लिखा है।
- Word: वही लेआउट, Word या Google Docs में बदलने के लिए।
- PDF: A4 का ख़ाली फ़ॉर्म, प्रिंट करके हाथ से भरने के लिए।
हर लेबल हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में है, ताकि ट्रांसपोर्टर और अधिकारी भी पढ़ सकें।
Excel फॉर्मेट कैसे भरें
ब्रैकेट की जगह अपनी जानकारी
जहाँ [आपके बिज़नेस का नाम] जैसा लिखा है, वहाँ अपना नाम, पता, GSTIN और बैंक की जानकारी भरिए।
सफ़ेद खाने भरिए
उदाहरण की लाइनें हटाकर अपने आइटम भरिए। हर आइटम की एक लाइन: मात्रा, रेट और छूट।
स्लेटी खाने मत छेड़िए
वे अपने आप निकलते हैं, और कुल रकम भी। A4 पर प्रिंट कीजिए या PDF में सेव कीजिए।
या SahiBill से बनवाइए
SahiBill की सेटिंग्स में डिलीवरी चालान चालू कीजिए, और वह आपके बाकी दस्तावेज़ों के साथ दिखने लगता है। पार्टी और आइटम चुनिए, तय कीजिए कि चालान पर रकम छपे या नहीं, और PDF भेजिए या प्रिंट कीजिए। माल बिक जाए तो चालान को बिल में बदल दीजिए, दोबारा टाइप किए बिना।
यह पेज आसान भाषा में सार है, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं, और नियम बदलते रहते हैं। GST काउंसिल का टैक्स इनवॉइस और दूसरे दस्तावेज़ों वाला नोट और CBIC की वेबसाइट पर ताज़ा नियम देखिए, या अपने CA से पूछिए। SahiBill एक स्वतंत्र ऐप है, सरकारी ऐप नहीं।
डिलीवरी चालान से जुड़े सवाल
क्या डिलीवरी चालान पर GST लगता है?
जब माल बिना बिक्री के जा रहा हो, जैसे जॉब वर्क या पसंद आने पर ख़रीदने के लिए, तब नहीं। टैक्स की दर और रकम तभी भरी जाती है जब माल पाने वाले को सप्लाई के लिए भेजा जा रहा हो।
क्या डिलीवरी चालान और टैक्स इनवॉइस एक ही हैं?
नहीं। चालान बताता है कि माल गया; टैक्स इनवॉइस बताता है कि माल बिका। चालान पर भेजा माल बिक जाए तो उसका टैक्स इनवॉइस बनता है।
क्या डिलीवरी चालान के साथ ई-वे बिल चाहिए?
हाँ, जब कीमत तय सीमा से ज़्यादा हो। ई-वे बिल पोर्टल पर बनाइए और उसका नंबर चालान पर लिखिए।
डिलीवरी चालान की कितनी कॉपी चाहिए?
तीन: ओरिजिनल माल पाने वाले के लिए, डुप्लीकेट ट्रांसपोर्टर के लिए और ट्रिप्लीकेट आपके लिए।
माल भेजने का कारण क्या लिखें?
जो असल कारण है: जॉब वर्क, पसंद आने पर बिक्री, प्रदर्शनी, ब्रांच ट्रांसफ़र, या ऐसी सप्लाई जिसका बिल बाद में बनेगा।
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चालान, बिल और स्टॉक एक जगह
SahiBill चालान बनाता है और बिक्री होने पर उसे बिल में बदल देता है। कोई विज्ञापन नहीं। बिना इंटरनेट चलता है।